अयोध्या न्यूज डेस्क: गोरखपुर जिले में पुलिस ने एक बड़ा खुलासा करते हुए महाराष्ट्र के एक गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह धार्मिक स्थलों पर चोरी करने के लिए कुख्यात था, खासकर भीड़-भाड़ वाले इलाकों में। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पांच महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से 26,000 रुपये नकद, एक सोने की चूड़ी और एक गाड़ी जब्त की है।
गिरोह की विशेषता यह थी कि वह ध्यान भटकाने और छल-कपट के जरिए जेबकतरी करता था। इस गिरोह ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों के धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया था। पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह ने गोरखपुर के गोरखनाथ इलाके में धनतेरस के दिन एक महिला से सोने के गहने चुराए थे और गोरखनाथ मंदिर के खिचड़ी मेले में भी चोरी करने की योजना बनाई थी, जहां बड़ी भीड़ थी।
गिरफ्तारी का ऑपरेशन गुप्त सूचना के आधार पर किया गया। छावनी पुलिस ने रेलवे स्टेशन के पास एक जगह पर घेराबंदी करके गिरोह के सभी सदस्यों को पकड़ लिया। आरोपियों में से ज्यादातर महाराष्ट्र के नागपुर जिले के कन्हान थाना क्षेत्र के रहने वाले थे, जिसमें ज्योति प्रसाद भी शामिल है। पूछताछ में आरोपियों ने यह स्वीकार किया कि गोरखपुर पहुंचने से पहले वे छह महीने तक अयोध्या में रहकर भी इसी तरह की चोरी करते रहे थे।
अपर पुलिस अधीक्षक (शहर) अभिनव त्यागी ने पुष्टि की कि गिरोह के सदस्य पहले से ही पुलिस के रडार पर थे। उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के बाद कैंटोनमेंट पुलिस को खुफिया सूचना मिली कि गिरोह गोरखपुर में सक्रिय है। इसके बाद कार्रवाई करते हुए इन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया।
अब पुलिस गिरफ्तारी के बाद अन्य संभावित आरोपियों की तलाश कर रही है और चोरी की गई वस्तुओं को बरामद करने के लिए जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह का नेटवर्क व्यापक हो सकता है और इसके कई अन्य सदस्यों की पहचान की जा सकती है।